मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान खेल इनके अनुसार बदलता है

एक ऐसा खिलाड़ी जिसने भारतीय टीम के लिए नया मानदंड स्थापित किया.विपक्ष में कोई टीम हो इस बात की परवाह न करते हुए उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को कई यादगार पल दिए.अपने इतने बड़े करियर अक्सर उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी की.फिर चाहे ओडीआई,टी-20 हो या टेस्ट हर मौके पर इस खिलाड़ी ने टीम को फ्रंट पर आकर संभाला.सौरव गांगुली के बाद भारतीय टीम की कप्तानी राहुल द्रविड़ को मिली.2007 के ओडीआई विश्व कप में जल्दी बाहर होने के कारण राहुल द्रविड़ ने सितम्बर महीने में कप्तानी से इस्तीफ़ा दे दिया.इसी साल भारत को टी-20 वर्ल्ड कप भी खेलना था.इस प्रतियोगिता से सचिन,सौरव और द्रविड़ ने अपना नाम वापस ले लिया था.धोनी इस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए युवा भारतीय क्रिकेट टीम की लीड कर रहे थे. 


 2007 टी-20 वर्ल्ड कप के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा :-जिस तरह से युवा जोश के साथ भारतीय टीम 2007 के पहले टी-20 विश्व कप में उत्तरी.किसी को भी उम्मीद नहीं थी की महेंद्र सिंह धोनी अपनी उम्दा कप्तानी का सफर इस तरह तय करेंगे.वीरेंदर सहवाग,रोहित शर्मा,गौतम गंभीर,श्रीसंथ,जोगिन्दर शर्मा,हरभजन सिंह और आरपी सिंह के रूप में खिलाड़ी थे.फाइनल मुकाबले में जिस तरह से धोनी ने निर्णय लिया.उनके पास आखिरी ओवर में हरभजन सिंह और जोगिन्दर शर्मा में से किसी एक को चुनना था.धोनी ने हरभजन के ऊपर जोगिन्दर शर्मा को वरीयता दी.आख़िरी ओवर में चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को जीतने के लिए 13 रनों की दरकार थी.जोगिन्दर शर्मा ने पहली गेंद वाइड फेंकी और इसके बाद भी भारत वो मैच 5 रनों से जीता. 


खेल को अपने अनुसार चलाते हैं :-उनके बारे में पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा का कहना है की "महेंद्र सिंह धोनी एक ऐसे खिलाड़ी है जो गेम को हमेशा अपने कण्ट्रोल में रखते हैं."परिस्थिति कैसी भी हो वो अपना आपा नहीं खोते हैं.कई क्रिकेटर जिम में जाकर मेहनत करते हैं तो दूसरी तरफ धोनी को जिम का इतना शौक नहीं है लेकिन वो फुटबॉल वगैरह खेलकर मैदान पर ही अपने आपको फिट रखते हैं.आशीष नेहरा ने कहा था की 'धोनी खेल के हिसाब से नहीं,खेल धोनी  से बदलता है.'


पॉलीक्रिक के अनुसार "धोनी भारतीय टीम के लिए किसी उपहार से कम नहीं थे.उन्होंने अपने क्रिकेट के प्रति जबरदस्त समर्पण और तेज बल्लेबाजी से भारतीय टीम को काफी कुछ दिया है."धोनी ने वास्तव में भारतीय क्रिकेट टीम के प्रति लोगों के रवैये को बदला है.एक उम्दा कप्तान,बेहतरीन फिनिशर और एक बेहतरीन क्रिकेटर के लिए उन्हें भारत हमेशा याद करेगा.  

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सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

उम्र इतनी फिर भी छाया हुआ है उम्दा क्रिकेटर

जब कभी भी सीमित क्रिकेट की बात होगी तो उसमे वेस्ट इंडीज के तूफानी बल्लेबाज क्रिस गेल का नाम जरूर आएगा.जिस प्रकार से उम्र के इस पड़ाव में गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट रहे हैं.उसे देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है की वास्तव में वो सीमित ओवरों के क्रिकेट के 'यूनिवर्स बॉस ' कहलाने के काबिल हैं.फिलहाल कैरिबियाई खिलाड़ी इस वक़्त पीसीएल यानी पाकिस्तान सुपर लीग में क्वेटा ग्लैडिएटर्स की तरफ से खेल रहे हैं. 


41 वर्ष बाद भी गेंदबाजों पर हावी :-जबरदस्त कैरिबियाई खिलाड़ी 41 वर्ष से भी ज्यादा समय के हो गए हैं लेकिन जिस तरह से वो गेंदबाजों की धुनाई करते हैं.उसे देखते हुए बस यही कहा जाना उचित होगा की "गेल के लिए उम्र मात्र एक नंबर हैं."हालांकि अभी हाल में संपन्न हुए टी-10 प्रतियोगिता में गेल का बल्ला शुरुआती मैचों में नहीं चला था तो कयास लगाया जा रहा था की उनपर अब उम्र हावी हो रही है लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी की.


लाहौर कलंदर्स के खिलाफ दिखाई आतिशबाजी :-पकिस्तान सुपर लीग में गेल सरफराज खान की कप्तानी वाली टीम क्वेटा ग्लैडिएटर्स के हिस्सा हैं.आज के मैच में जिस तरह उन्होंने विपक्षी टीम के गेंदबाजों की खबर ली.उसे देखकर शायद विपक्षी टीम के कप्तान का होश उड़ गया होगा.इस दौरान गेल ने महज 40 गेंदों में 5 छक्के और इतने ही चौके की बदौलत 68 रनों की आतिशी पारी खेली. 


पॉलीक्रिक के अनुसार "गेल की ये पारी लाहौर कलंदर्स के मोहम्मद हफ़ीज़ ने ख़राब कर दी.हफ़ीज़ ने अपने पीसीएल इतिहास में सबसे तेज निजी पचासा लगाया".हफीज ने अपना अर्धशतक मात्र 24 गेंदों में पूरा किया.हफ़ीज़ ने नाबाद 73 और फखर जमान ने नाबाद 82 रनों की पारी खेली और टीम को जीत दिलायी.

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रविवार, 21 फ़रवरी 2021

बढ़ते विवाद में कूदा धांसू खिलाड़ी की सबकी बोलती बंद

भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच उस वक़्त विवाद में आ गया.जब टेस्ट मैच के पहले दिन ही गेंद घूमने लगी और भारतीय स्पिन आक्रमण के सामने इंग्लैंड का एक भी खिलाड़ी नहीं चल पाया.उसी पिच पर दूसरी पारी में भारतीय कप्तान कोहली और स्पिनर रविचंद्रन आश्विन ने अपने जबरदस्त क्रिकेट कौशल का प्रदर्शन करते हुए क्रमशः अर्धशतकीय और शतकीय पारी खेली.इसके बाद भी इंग्लैंड के दिग्गज माइकल वॉन ने पिच की आलोचना की थी. 


रोहित शर्मा भी कूदे विवाद के बीच :-पिच को लेकर बढ़ते विवाद को देखते हुए इसमें भारतीय टीम के बेहतरीन खिलाड़ी रोहित शर्मा भी इस विवाद में कूद पड़े.इससे पहले चेपॉक की उछाल लेती पिच की आलोचना माइकल वॉन और मार्क वॉ दिग्गजों ने मैदानकर्मियों की इस तरह की पिच तैयार करने की आलोचना की थी.इस विवाद पर भारतीय टीम के सीमित ओवर के उपकप्तान ने कहा "ये कोई विवाद का विषय नहीं होना चाहिये.सभी क्रिकेट खेलने वाले देश अपनी आवश्यकता के अनुसार पिच तैयार करते हैं."उन्होंने आगे कहा "जब हम विदेशी दौरा करते हैं तो हमें भी मुश्किल पिचों का सामना करते हैं."इसलिए मुझे नहीं लगता की हमें पिच पर ज्यादा बहस करनी चाहिए. 


खेली थी उम्दा पारी :-पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम को जहां हार का सामना करना पड़ा था तो दुसरे टेस्ट मैच में रोहित शर्मा ने पहली पारी में 161 रनों की उम्दा पारी खेली थी.जिसकी बदौलत भारतीय टीम ने जबरदस्त स्कोर बनाया.ऐसा देखा गया है की टेस्ट हो या ओडीआई रोहित शर्मा एक बार जब लय में आ जाते हैं तो पिच कैसी भी हो. बल्ला ऐसा गरजता है की विपक्षी गेंदबाजों की शामत आ जाती है. 


पॉलीक्रिक के अनुसार "रोहित शर्मा भारतीय टीम के जबरदस्त खिलाड़ी है.अक्सर रोहित शर्मा काफी शांत रहते हैं.जब अपनी राय रखते हैं तो बड़े ही बेबाकी से रखते हैं."देखना दिलचस्प होगा की तीसरे टेस्ट मैच में किस तरह का खेल रोहित शर्मा दिखाते हैं.  

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शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

उनकी काबिलियत के दम पर शामिल किया गया टीम में

आईपीएल ऑक्शन में जैसे ही मुंबई इंडियंस की टीम ने अर्जुन तेंदुलकर को ख़रीदा.उसके बाद लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल चल रहे थे.जो प्रश्न लोगों के मन में उठ रहे थें.वो कुछ इस प्रकार के थे.क्या अर्जुन तेंदुलकर को उनके पिता सचिन तेंदुलकर की वजह से मुंबई इंडियंस ने ख़रीदा.?ये सब प्रश्न इसलिए भी उठ रहे हैं क्योकि खुद सचिन तेंदुलकर मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं और अभी भी वो टीम के साथ है लेकिन एक अलग जिम्मेदारी में. 


एमआई कोच का खुलासा :-अर्जुन तेंदुलकर के खिलाफ उड़ रही अफवाहों का वैसे तो कोई लेना-देना नहीं है.इस बात का खुलासा पूर्व श्रीलंकाई दिग्गज और वर्तमान एमआई कोच महेला जयवर्धने ने किया.उन्होंने कहा "अर्जुन तेंदुलकर को खरीदने का फैसला उनकी जबरदस्त प्रतिभा को देखकर किया गया है.सचिन का बेटा होने के कारण अर्जुन पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव होगा."उन्होंने आगे कहा की सचिन तेंदुलकर एक जबरदस्त बल्लेबाज थे जबकि इसके विपरीत अर्जुन एक गेंदबाज हैं.अभी तक तो अर्जुन तेंदुलकर को एक हरफनमौला खिलाड़ी के रूप में देखा जाता था लेकिन कोच की बातें कुछ और ही बयां कर रही हैं. 


 दबाव में होंगे छोटे तेंदुलकर :-आप जितने बड़े बाप के बेटे होते हैं.आप पर उतना अधिक दबाव होता है.देखना रोचक होगा की इस दबाव को अर्जुन कैसे झेलते हैं.सचिन तेंदुलकर का बेटा होने के नाते उन पर दबाव तो हमेशा बना रहेगा.ये एक ऐसा वास्तविक सत्य है जिसे छोटे तेंदुलकर को हमेशा साथ लेकर जीना है.अर्जुन तेंदुलकर ने अपनी फ्रेंचाइजी का शुक्रिया अदा किया है.एमआई के साथ खेलने के लिए अर्जुन काफी उत्साहित है.


 पॉलीक्रिक के अनुसार "अर्जुन तेंदुलकर को अपने दिमाग से ये निकाल देना होगा की वो सचिन के बेटे हैं.उन्हें अपना सारा ध्यान उम्दा प्रदर्शन करने पर लगाना होगा.जिससे उन्हें सब लोग उनके नाम से जाने नाकि सचिन तेंदुलकर के नाम से."

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शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

बड़ा कारण ! जिससे फैंस के मन में बढ़ जाएगी टीम की इज्जत

जिस प्रकार से धोनी अक्सर ऐसे फैसले लेते हैं.जिन फैसलों की उम्मीद उनके साथियों या खिलाडियों को भी नहीं होती.इस बात से हम सभी भलीभाँति परिचित है लेकिन उनकी  कप्तानी वाली सीएसके टीम के मालिक भी महेंद्र सिंह धोनी से कम नहीं हैं.आईपीएल ऑक्शन में इस बात का परिचय टीम सीएसके के मालिक ने दिया है. 


गेंदबाजी कोच का बड़ा खुलासा :-ऑक्शन मे महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली सीएसके ने पुजारा को अपनी टीम में शामिल किया.जिसका स्वागत सभी फ्रेंचाइजी ने तालियों के साथ किया.अब जो बात पुजारा को अपनी टीम में शामिल करने के बाद गेंदबाजी कोच ने कही है.उसे सुनकर सीएसके के फैंस का टीम के प्रति सम्मान और बढ़ जाएगा.लक्ष्मीपति बालाजी ने कहा "पुजारा भारत के लिए खून पसीना बहाते हैं.हमारी टीम ने ऐसा महसूस किया की पुजारा आईपीएल में खेलना डिजर्व करते हैं.यही एक बड़ा कारण है जिसकी बदौलत हमने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया."


पुजारा के ट्वीट ने जीता दिल :-लम्बे सालों के बाद आईपीएल में वापसी करने वाले चेतेश्वर पुजारा ने नीलामी में सोल्ड होने के बाद एक जबरदस्त ट्वीट किया.उन्होंने कहा "भरोसा दिखाने के लिए धन्यवाद !इस भरोसे के लिए मैं उत्सुक हूँ."पुजारा ने कुछ समय पहले भरोसा जताया था की अगर उन्हें मौका मिलता है तो वो अपनी फ्रेंचाइजी के लिए जबरदस्त प्रदर्शन करेंगे. 


पॉलीक्रिक के अनुसार "सीएसके ने भारतीय टेस्ट टीम के विशेषज्ञ बल्लेबाज पुजारा को खरीदकर बहुत अच्छा काम किया है.सीएसके के इस फैसले की तारीफ सभी क्रिकेट पंडित कर रहे हैं."सीएसके धीमी पिचों पर पुजारा का जबरदस्त उपयोग कर सकती है. 

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गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

आईपीएल ऑक्शन ! टी-20 मैचों में शतक फिर भी नहीं मिल रहा था मौका

आज आईपीएल का ऑक्शन जिस तरह संपन्न हुआ.उसे देखते हुए विदेशी खिलाडियों अर्थात  क्रिस मोरिस,झाय रिचर्डसन,काइल जेमिसन,ग्लेन मैक्सवेल और एक युवा भारतीय खिलाड़ी कृष्णप्पा गौतम का जलवा रहा.जहां कई खिलाडियों को उनके आधार मूल्य से कई गुना अधिक पैसा मिला तो वही दूसरी तरफ कई अच्छे खिलाडियों को उनके आधार मूल्य पर ही टीमों ने ख़रीदा.जहां मौजूदा दौर के जबरदस्त स्पिनर कुलदीप यादव अपने आधार मूल्य 20 लाख में बिके.दूसरी तरफ एक भारतीय खिलाड़ी को काफी इन्तजार के बाद आईपीएल में बोली लगी. 


टी-20 में शतक उसके बाद भी कोई खरीदार नहीं -आपको जानकर आश्चर्य होगा की एक ऐसा बल्लेबाज जिसने टी-20 मैचों में शतक लगाया हो और उसे नीलामी में कोई टीम नहीं खरीदती हो.ऐसा ही कुछ वाक्या भारत के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के साथ हो रहा था.2008 से 2014 के बीच पुजारा ने आईपीएल में 30 मैच खेले हैं.इससे पहले उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब,रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और कोलकाता नाईटराइडर्स की तरफ से खेल चुके हैं.पुजारा के अगर टी-20 करियर की बात की जाए तो उन्होंने कुल 64 मुकाबले खेले हैं और इस दौरान 29 की औसत और 109 के स्ट्राइक रेट से 1356 रन बनाये हैं.जिसमे 1 शतक और सात अर्धशतक शामिल है.पुजारा ने साल 2019 में मुश्ताक़ अली ट्रॉफी में रेलवे के खिलाफ 61 गेंदों पर नाबाद 100 रन की पारी खेली थी. 


क्या स्ट्राइक रेट रही वजह ? -आईपीएल में पुजारा ने जो 30 मैच खेले हैं.इनमे उन्होंने 21 के औसत से 390 रन बनाये हैं.इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 100 का था.अलग-अलग टीमों की तरफ से खेलते हुए शायद कही न कही उनके कम स्ट्राइक रेट की वजह से कोई टीम उनपर ध्यान नहीं दे रही थी लेकिन इस बार आईपीएल की बेहतरीन टीमों में से एक सीएसके ने पुजारा को उनके बेस प्राइस 50 लाख में ख़रीदा.जैसा की उम्मीदें भी लगाई जा रही थी की सीएसके इस बार उनपर दांव लगा सकती है.आईपीएल में सात साल बाद पुजारा की वापसी हुयी.अब देखना दिलचस्प होगा की पुजारा को सीएसके कितने मौके देती है. 


 पॉलीक्रिक के अनुसार 'पुजारा ने कहा था की मैं आईपीएल का हिस्सा बनना पसंद करूँगा और यदि मौका मिला तो उम्दा प्रदर्शन भी करूँगा.'कुल मिला जलाकर आईपीएल-2021 के इस ऑक्शन में गेंदबाजों का जलवा रहा.चेतेश्वर पुजारा को ज्यों ही सीएसके ने सभी फ्रेंचाइजी ने ताली बजायी. 

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बुधवार, 17 फ़रवरी 2021

सबसे खूबसूरत पल को क्रिकेट के लिए कैसे किया कुर्बान पूर्व कप्तान ने ?

हम बात करेंगे आज एक ऐसे कप्तान के बारे में जिन्होंने अपने पहले ओडीआई मैच की कप्तानी में विश्व की सबसे बेहतरीन टीम ऑस्ट्रेलिया को मात दी.इसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.उसके बाद क्रिकेट के प्रति अपने समर्पण और मजबूत इच्छाशक्ति से उन्होंने करोड़ों दिलों पर राज किया.इस दौरान उन्होंने अपने सीनियर और जूनियर खिलाडियों के साथ ऐसा तालमेल बिठाया की.संन्यास लेने के बाद भी भारतीय क्रिकेटर उन्हें याद करते हैं. 


अपने पहले मैच में मनवाया कप्तानी का जलवा :-जैसा की आप सभी को मालूम है की महेंद्र सिंह धोनी उस समय भारतीय टीम के कप्तान बनाये गए.जब क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप अर्थात 2007 टी-20 वर्ल्ड कप में एक युवा टीम के साथ साऊथ अफ्रीका रवाना हुए.भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी अर्थात सचिन तेंदुलकर,राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली ने अपना नाम वापिस ले लिया.बस यही से शुरू हुआ भारत के सबसे सफल कप्तान का सफर.सबसे पहले 2007 टी-20 वर्ल्ड कप,2011 ओडीआई विश्व कप और 2013 की चैंपियन ट्रॉफी जीतने के साथ ही महेंद्र सिंह धोनी विश्व के ऐसे पहले कप्तान बन गए.जिनके पास आईसीसी की तीनो ट्रॉफी है.पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपना पहला टी-20 मैच खेला.


 क्रिकेट को रखा सर्वप्रथम :-महेंद्र सिंह धोनी के अंदर जिस प्रकार का क्रिकेट के प्रति जूनून विद्यमान था.वो देखते ही बनता है.बात है 2015 विश्व कप की.जब धोनी भारतीय टीम के कप्तान थे.इसी दौरान उनके घर लक्ष्मी का जन्म हुआ.क्रिकेट में अपना ध्यान अच्छे से लगा रहने के कारण धोनी ज्यादा फ़ोन भी नहीं रखते थे.उनकी पत्नी को पुत्री हुयी.इस बात की जानकारी उन्हें अपने हमवतन साथी और सबसे अच्छे दोस्त रैना से मिली.किसी भी पिता के लिए सबसे बड़ा पल होता है.इस खबर को सुनकर कप्तान काफी खुश थे लेकिन वो वर्ल्डकप छोड़कर भारत नही आये.इस बात का खुलासा उन्होंने एक साक्षात्कार में किया था.उन्होंने कहा की मेरे लिए देश सबसे ज्यादा जरूरी है.  


पॉलीक्रिक के अनुसार 'धोनी का क्रिकेट के प्रति समर्पण जगजाहिर है.इस बात के साक्षी बीसीसीआई के साथ-साथ उनके साथी खिलाड़ी भी रहे.'जिस निडरता और जज्बे के साथ उन्होंने भारतीय टीम का नेतृत्व किया.इस दौरान उन्होंने भारत को कई यादगार पल भी दिए.  

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मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

जीत के प्रमुख कारण और उसके साइड इफेक्ट्स

पहले टेस्ट में मिली बुरी हार से सबक लेते हुए मेजबान भारत ने इंग्लैंड को चेन्नई में खेले गए दुसरे टेस्ट में करारी हार देकर अपना हिसाब चुकता किया.पहला टेस्ट जहां इंग्लैंड ने 227 रनो के बड़े अन्तर से जीता था तो भारत ने दूसरा टेस्ट 317 रनों से जीतकर इंग्लैंड को करारा जवाब दिया.जिस प्रकार से इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ी पिच की आलोचना कर रहे हैं.उसे देखते हुए एक बात उन्हें जानना जरूरी है.जब कोई टीम इंग्लैंड का दौरा करती है तो क्या वो पिचें अपने मनमुताबिक नहीं बनाते हैं.?उन्हें कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए और इस बात को अमल में लाना चाहिए की भारतीय टीम ने उनसे उम्दा गेंदबाजी और बल्लेबाजी की.जिसकी बदौलत मैच का परिणाम भारत के पक्ष में रहा. 


केविन पीटरसन और पूर्व कप्तान को शायद भारत के द्वारा मिली हार हजम नहीं हो रही है.इसलिए उन्होंने पहले पिच को दोष दिया.उसके बाद कह रहे है की जो टीम दुसरे टेस्ट में भारत के खिलाफ उत्तरी थी.वो इंग्लैंड की बी टीम थी.इन दोनों दिग्गजों की बातें समझ से परे हैं.अगर पिच टेस्ट खेलने लायक नहीं होती तो इंग्लैंड पहली पारी में महज 134 पर आलआउट हो गया.जब भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में बल्लेबाजी शुरू की तो उन्होंने कप्तान कोहली के बेहतरीन अर्धशतक और स्पिन गेंदबाज आश्विन के लाजवाब शतक की बदौलत 286 रन बनाने में कैसे सफल हुयी.?


दूसरी तरफ इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दोनों पारी के रनों को मिलाकर 298 रन बनाये.जो भारतीय टीम के द्वारा बनाये गए दूसरी पारी के रनों से 12 रन अधिक है.ऐसे में अपनी गलतियों को ढूढने के बजाय इंग्लैंड के ये खिलाड़ी अनावश्यक रूप से पिच को दोषी दे रहे हैं.इंग्लैंड के गेंदबाजों के अंदर वो कला देखने को मिली.जिस अदभुत कला का प्रदर्शन भारत के लिए आश्विन और अक्षर पटेल ने किया. 

  
इस मैच में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाडियों के दिमाग से भी खेला.जब गेंद पहले दिन ही घूमने लगी तो इंग्लैंड की टीम पहले ही थोड़ा परेशान हो गयी.ऐसी परिस्थिति में भारत के पास एक अनुभवी स्पिनर का होना बहुत जरूरी था.वो खिलाड़ी  भी आश्विन के रूप में भारतीय टीम के पास था.पहली पारी में पिच से मिल रही मदद का उन्होंने बखूबी फायदा उठाते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी जबकि इसके विपरीत इंग्लैंड के स्पिनर्स का प्रदर्शन दूसरी पारी में भी उतना खास नहीं था. 


पॉलीक्रिक आपको बताना चाहता है की 'भ्रमणकारी इंग्लिश टीम के खिलाफ अभी तक जिस जबरदस्त प्रदर्शन का नजारा रविचंद्रन आश्विन ने दिखाया है.उसे देखकर टीम के कप्तान कोहली उनसे काफी खुश होंगे.बात करें आश्विन की गेंदबाजी की तो उन्होंने अभी तक संपन्न हुए 2 टेस्ट मैचों में 17.82 के एवरेज से 17 विकेट लिए हैं जबकि दुसरे स्थान पर इंग्लैंड के जैक लीच हैं.उन्होंने 12 विकेट लिए हैं.बल्लेबाजी की बात करें तो आश्विन 2 मैचों में 159 रन बनाकर चौथे स्थान पर हैं.जिसे देखकर प्रतीत होता है की आश्विन अकेले ही पूरी इंग्लिश टीम पर भारी दिखाई पड़े हैं. 

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सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

बड़े-बड़े हरफनमौला फीके पड़े इस गेंदबाज के आगे

भारतीय क्रिकेट टीम में रविचंद्रन आश्विन को एक उम्दा स्पिन गेंदबाज के रूप में जाना जाता है लेकिन जिस तरह की परिस्थिति में उन्होंने आज इंग्लैंड के खिलाफ बल्लेबाजी की.उसे देखते हुए हम कह सकते हैं.यदि उन्हें अवसर मिले तो वो एक उम्दा हरफनमौला खिलाड़ी साबित हो सकते हैं.जिस पिच पर इंग्लैंड की पहली पारी और भारतीय टीम की दूसरी पारी लड़खड़ा गयी.उस मैदान पर आश्विन ने कमाल की बल्लेबाजी करते हुए शतकीय पारी खेली.आखिरी विकेट के रूप में मोहम्मद सिराज ने उनका बखूबी साथ दिया. 


 आश्विन ने रचा इतिहास :-वास्तव में जिस तरह की बल्लेबाजों के विपरीत पिच पर आश्विन ने अत्यंत जबरदस्त बल्लेबाजी का परिचय दिया.उसने उन्हें रिकॉर्ड की फेहरिश्त में ला खड़ा किया.आश्विन ने एक पारी में 5 विकेट और शतक लगाने का कारनामा तीसरी बार किया.आज की अपनी उम्दा बल्लेबाजी से आश्विन ने कई दिग्गज हरफनमौला खिलाडियों को पीछे छोड़ दिया है.आश्विन ने वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स,पकिस्तान के मुश्ताक़ मोहम्मद,साऊथ अफ्रीका के जैक कैलिस और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन को पछाड़ दिया है.आश्विन ऐसे पहले भारतीय खिलाड़ी हैं.जिन्होंने अपने घरेलु मैदान पर मैच की पारी में 5 विकेट भी लिया और शतक भी लगाया.आश्विन टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 5 विकेट लेने के साथ-साथ शतक लगाने वाले दुसरे खिलाड़ी बन गए हैं.अब आश्विन की नजर इंग्लैंड के आलराउंडर इयान बॉथम के रिकॉर्ड पर होगी.जिन्होंने 5 बार पारी में शतक और 5 विकेट लेने का कारनामा किया है. 


हमवतन खिलाडियों को पीछे छोड़ा :-आश्विन दो पूर्व भारतीय खिलाडियों के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया.आश्विन से पहले एक पारी में 5 लेने और शतक बनाने के रिकॉर्ड दो भारतीय खिलाडियों ने बनाया था.जी हाँ वीनू मांकड़ और पॉली उमरीगर ने अपने टेस्ट करियर के दौरान दो बार ये उपलब्धि हासिल की थी. 


पॉलीक्रिक के अनुसार 'कल देखना बड़ा दिलचस्प होगा की कल आश्विन और भारतीय स्पिन आक्रमण मिलकर कब तक इंग्लैंड के खिलाडियों को ऑलआउट करते हैं.'भारत दुसरे टेस्ट में बिल्कुल ड्राइव सीट पर है.अब देखना दिलचस्प होगा की भारतीय टीम रनो के अंतर को कितना बड़ा करता है. 

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रविवार, 14 फ़रवरी 2021

200 खिलाड़ियों को आउट करने वाले पहले गेंदबाज बने आश्विन

भारत के उम्दा स्पिनर रविचंद्रन आश्विन ने जबरदस्त कीर्तिमान बनाया.इसके साथ ही उन्होंने श्रीलंका के पूर्व स्टार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के रिकॉर्ड को तोड़ दिया.पहले टेस्ट में जिस तरह कमाल की गेंदबाजी आश्विन ने की थी.ठीक वैसी ही गेंदबाजी उन्होंने दुसरे टेस्ट की पहली पारी में भी जबरदस्त गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड के 5 खिलाडियों को आउट किया.आश्विन ने टेस्ट में 5 विकेट लेने का कीर्तिमान आश्विन ने 29 बार किया है.इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेंन मैक्ग्राथ के रिकॉर्ड की बराबरी की. 


ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज बने आश्विन -आश्विन ने अपने टेस्ट करियर का पहला विकेट वेस्टइंडीज के 
बायें हाथ के खिलाड़ी डैरेन ब्रावो के रूप में अपना पहला विकेट लिया था.इस दौरान आश्विन बाएं हाथ के 200    बल्लेबाजों को आउट करने वाले पहले गेंदबाज बन गए.आश्विन ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ब्रॉड को आउट करते ही यह उपलब्धि हासिल की.सबसे जयादा बार बाए हाथ के बल्लेबाजों को आउट करने के मामले में श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुरलीधरन दुसरे स्थान पर हैं.उन्होंने 191 बार बाएं हाथ के बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया.
 

पॉलीक्रिक के अनुसार 'आश्विन भारत के बेहतरीन स्पिन गेंदबाज हैं.आज के टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन करके उन्होंने अपने हमवतन खिलाड़ी अनिल कुंबले के रिकॉर्ड की बराबरी की.आश्विन एशिया में सबसे अधिक बार 5 विकेट लेने के मामले अनिल कुंबले के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर आ गए हैं.'

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