रविवार, 27 दिसंबर 2020

आईसीसी ने चुनी खतरनाक टीम कप्तान का नाम चौकाने वाला

सभी लोग जानते हैं की कुछ पूर्व क्रिकेटर और आईसीसी दशक की सबसे बेहतरीन टीम  चुनाव अपने अनुसार करते हैं.आईसीसी की इस टीम में जहां भारतीय महिला क्रिकेटरों में केवल एक नाम है तो दूसरी तरफ भारतीय पुरुष खिलाडियों का जलवा बरक़रार है.मेंस टी-20 टीम ऑफ़ डिकेड में भारत के 4 खिलाड़ी शामिल हैं.जिनमे पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी,विराट कोहली,रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल है.इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के दो खिलाडियों और क्रिकेट खेलने वाले अग्रणी देशों में पकिस्तान को छोड़कर सभी देशों के एक-एक खिलाड़ी शामिल हैं. खतरनाक टीम 


आईसीसी का अवार्ड हैरान कर देने वाला -जिस प्रकार से आईसीसी ने टेस्ट में टीम ऑफ़ डिकेड में भारतीय मौजूदा कप्तान विराट कोहली को कप्तान बनाया है.उसके आईसीसी के दोनों फॉर्मेट की टीम ऑफ़ डिकेड की कप्तानी आईसीसी की तीनों ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बनाया है.उससे ये स्पष्ट हो जाता है की धोनी की कप्तानी का जलवा बरकरार है.धोनी वर्ल्ड कप 2019 से ही क्रिकेट मैदान से दूर है लेकिन इस दौरान उन्होंने आईपीएल खेला लेकिन उनका प्रदर्शन इतना जबरदस्त नहीं रहा. 


आईसीसी टी-20 टीम ऑफ़ डिकेड अदभुत -आईसीसी ने जिस प्रकार से दशक की सबसे बेहतरीन टी-20 टीम चुनी है.इसमें भारत के 4 खिलाड़ी,वेस्ट इंडीज के 2,ऑस्ट्रेलिया के 2,साउथ अफ्रीका,अफगानिस्तान और श्रीलंका के क्रमशः एक-एक खिलाड़ी शामिल हैं.टी-20 और एकदिवसीय में भारतीय खिलाडियों का जलवा बरकरार है.इस टीम को वास्तव में कह सकते है अत्यंत अदभुत एकादश है. 

 
पॉलीक्रिक आपको बताना चाहता है की आईसीसी की एकदिवसीय टीम ऑफ़ डिकेड में केवल तीन भारतीय खिलाडियों को जगह मिली है.जिनमे रोहित,विराट और धोनी शामिल हैं. 

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शनिवार, 26 दिसंबर 2020

बीच मैदान में क्यों भिड़े दो भारतीय खिलाड़ी ?

जिस प्रकार के खिलाड़ी रविंद्र जडेजा हैं.उन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे वो मैदान के किसी कोने में हो गेंद उनके हाथों में जाने को आतुर रहती है.अपनी जबरदस्त फील्डिंग के लिए इस भारतीय हरफनमौला की तारीफ विश्व के सभी क्रिकेटर करते रहते हैं.ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ हुयी टी-20 सीरीज में उन्हें चोट लगी थी.जिसकी वजह से जडेजा को आराम की हिदायत दी गयी थी.क्रिकेट प्रशंसक बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए जडेजा का बैसब्री से इंतजार कर रहे थे और जडेजा लौटे भी बिल्कुल उसी अंदाज में 
 

जडेजा ने किया हैरान -जडेजा अपने जबरदस्त क्षेत्ररक्षण से अक्सर लोगों ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करते हैं.कुछ ऐसा ही हुआ बॉक्सिंग डे टेस्ट सीरीज के पहले दिन.ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू वेड जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे थे लेकिन इसी दौरान पारी के 12.5 ओवर की गेंद में वो गलती कर बैठे.आश्विन की इस गेंद को वेड हवा में खेल बैठे.उस कैच को पकड़ने के लिए शायद दो भारतीय खिलाड़ियों को बीच सही समझ देखने को नहीं मिली.जिस वक़्त गिल और जडेजा कैच के पीछे भाग रहे थे तो शायद थोड़े समय के लिए वेड को भी लगा होगा की वो बच जाएंगे लेकिन शायद उन्हें ये नहीं पता था की जडेजा के पाले में गेंद जाना मतलब बल्लेबाज का पवैलियन लौटना.इस जबरदस्त कैच को जडेजा ने बड़े ही खतरनाक तरीके से लपका.इस दौरान युवा बल्लेबाज गिल जडेजा से टकराकर नीचे गिर गए और बिना संतुलन खोये जडेजा ने खतरनाक दिख रहे वेड को अपनी बेहतरीन फील्डिंग के द्वारा चलता किया. 


सोशल मीडिया पर छा गए जडेजा -इस जबरदस्त कैच के कारण जडेजा सोशल मीडिया पर छा गए.उनकी तारीफ करते हुए कश्मीर के नेता फ़ारूक़ अब्दुल्लाह कहते हैं की 'जडेजा की योग्यता पर शक नहीं करना अक्सर ग्लव्स पहना हुआ विकेटकीपर भी जडेजा के लिए कैच छोड़ देगा.'बीसीसीआई ने भी जडेजा की तारीफों के पुल बांधे हैं. 


पोलीक्रिक आपको बता दे कि भारतीय गेंदबाजों ने पहले टेस्ट की अपेक्षा इस मैच में भी जबरदस्त गेंदबाजी की और ऑस्ट्रेलिया को 195 रनों पर समेट दिया.आज भारतीय खिलाडियों की फील्डिंग भी काफी उच्चस्तरीय दिखी और वर्तमान कप्तान ने जबरदस्त कप्तानी का नजारा पेश किया. 

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शुक्रवार, 25 दिसंबर 2020

आईपीएल अपडेट ! एजीएम में हो सकता है बड़ा फैसला

जिस प्रकार से अहमदाबाद में बीसीसीआई की 89वीं सालाना आम सभा (AGM) हुयी.इस दौरान भारत की पुरे विश्व में चर्चित लीग के बारे में विचार विमर्श किया गया.इसके साथ ही इस आम बैठक सभा में आईपीएल की दो नयी फ्रेंचाइजियों के प्रवेश की अनुमति मिल गयी.कहने का मतलब बीसीसीआई की आम बैठक में ये तय किया गया की आईपीएल-2022 से इस लीग में 10 फ्रेंचाइज़ी भाग लेंगी. 


आईसीसी का समर्थन -दरअसल आईसीसी चाहता है की क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप यानी टी-20 को लॉस एंजेलिस में 2028 में होने वाले ओलम्पिक में शामिल करें.अब जब बीसीसीआई को अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (IOC) से कुछ स्पष्टीकरण मिला है तो क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप को ओलम्पिक खेल में शामिल करने के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की दावेदारी का समर्थन करने को राजी हो गया है. 


पॉलीक्रिक आपको बता दे की इस आम बैठक में आईसीसी बोर्ड में सौरव गांगुली के निदेशक के रूप में बरक़रार रहने का फैसला लिया है.इसके साथ सचिव जय शाह वैकल्पिक निदेशक होंगे.एक अन्य फैसले में कांग्रेस के अनुभवी नेता राजीव शुक्ला को उत्तराखंड के महिम वर्मा की जगह औपचारिक रूप से बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.बीसीसीआई की आम बैठक में ये भी फैसला लिया गया की सभी पुरुष और महिला प्रथम श्रेणी खिलाडियों को कोविड -19 महामारी के कारण संशोधित घरेलु सत्र को देखते हुए उपयुक्त मुवाअजा दिया जाएगा.   

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गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

बीसीसीआई अध्यक्ष का धांसू अंदाज

बीसीसीआई की वार्षिक आम सभा 24 दिसम्बर को अहमदाबाद में होगी.मीटिंग से पहले सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में बीसीसीआई अध्यक्ष और सचिव की टीम आमने-सामने थी. बीसीसीआई सचिव जय शाह की टीम का नाम सेक्रेटरी XI और सौरव गांगुली की टीम का नाम प्रेजिडेंट XI था. 


 सौरव ने दिखाया हरफनमौला खेल तो जय शाह भी पीछे नहीं -इस दोस्ताना मैच ने सरदार पटेल स्टेडियम मोटेरा को यादगार बना दिया.यह मुकाबला 12-12 ओवरों का खेला गया. सेक्रेटरी XI पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 128 रन बनाये.हालांकि कप्तान जय शाह फ्लॉप रहे और उन्हें गांगुली ने 2 रनों के योग पर क्लीन बोल्ड कर दिया. जबाव में बीसीसीआई अध्यक्ष ने जबरदस्त अर्धशतक लगाया.गांगुली ने मात्र 32 गेंदों में नाबाद 53 रनो की पारी खेली.जिनमे 6 चौके और 1 छक्का शामिल था लेकिन वो अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके.सौरव की टीम निर्धारित ओवर्स में मात्र 100 रन ही बना पायी. 


पॉलीक्रिक आपको बता दे की भले ही बल्लेबाजी में बीसीसीआई सचिव का बल्ला नहीं चला लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने अपना जलवा दिखाते हुए दो विकेट लिए. 

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मंगलवार, 22 दिसंबर 2020

जबरदस्त कीर्तिमान जिसके दो बार गवाह बने कप्तान

जिस तरह से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट भारत की हार से शुरू हुआ.उसके बाद टीम के कप्तान विराट कोहली को आड़े हाथों लिया जा रहा है.जिस प्रकार से उनकी टीम अब तक के अपने सबसे निम्न स्कोर पर सिमट गयी.ये पूर्व खिलाडियों को काफी नागवार लग रही है.इस मैच के दौरान भारतीय टीम ने एक अदभुत कीर्तिमान अपने नाम किया.पॉलीक्रिक के साथ जानेंगे उस अदभुत रिकॉर्ड के बारे में विस्तार से -


एक ही तारीख को बना जबरदस्त रिकॉर्ड -ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे सीरीज के पहले टेस्ट में जिस तरह का प्रदर्शन भारतीय टीम का रहा.उससे भारतीय टीम के प्रशंसक काफी निराश होंगे.इस मैच में एक अदभुत रिकॉर्ड भी हम सभी को देखने को मिला.सभी क्रिकेट प्रशंसकों को मालूम होगा की दिसम्बर महीने की 19 तारीख को भारतीय टीम ने टेस्ट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी.19 दिसम्बर 2016 को चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ अपना उच्चतम टेस्ट स्कोर 7 विकेट के नुकसान पर 759 रन बनाये थे.4 साल बाद भारतीय टीम ने उसी तारीख को अपने टेस्ट क्रिकेट का सबसे न्यूनतम स्कोर बनाया.यानी एक ही तारीख को टेस्ट का अपना उच्चतम स्कोर और लोवेस्ट स्कोर बनाने वाली टीम इंडिया और कप्तान विराट कोहली. 


 यहां भी नहीं है पीछे -ज्यों ही ये आंकड़े दिखे सबको आरसीबी की याद आ गयी.आईपीएल में कोहली आरसीबी की कप्तानी करते हैं.आरसीबी ऐसी टीम है जिसने अभी तक आईपीएल का खिताब नहीं जीता.आरसीबी के पास भी भारतीय टेस्ट टीम के रिकॉर्ड के सामान ही है.वो रिकॉर्ड है 4 साल के अंतर्गत ही सबसे उच्चतम और निम्नतम स्कोर बनाने का.आईपीएल में आरसीबी अक्सर ही ट्रोलिंग होती है. 


पॉलीक्रिक आपको बता दे की पहले टेस्ट में मिली हार के बाद विराट कोहली भारत लौट आये हैं.अब बचे हुए मैचों में भारतीय टीम की कमान अजिंक्य रहाणे के हाथों में होगी.देखना बड़ा दिलचस्प होगा की वो ऐसी परिस्थिति में टीम का नेतृत्व कैसे करते हैं.?

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सोमवार, 21 दिसंबर 2020

सहवाग की कप्तानी में अपना पहला और आख़िरी टी-20 मैच खेलने वाले दो खिलाड़ी

जिस प्रकार भारत ने 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के अंदर साउथ अफ्रीका में आयोजित पहला टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया.ये भारतीय टीम और महेंद्र सिंह धोनी के लिए बड़ी उपलब्धि थी.2007 टी-20 विश्व कप से पहले जिस प्रकार सचिन गांगुली और द्रविड़ ने टी-20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लिया.इस बात को देखते हुए भारतीय टीम में इस बड़े टूर्नामेंट के लिए नए खिलाडियों को आजमाया.इन खिलाडियों ने चयनकर्ताओं के फैसले को सही साबित किया और भारतीय टीम को टी-20 का विश्वविजेता बनाया.आज हम इस आर्टिकल में आपको ऐसे 2 खिलाडियों के बारे में बताएँगे.जिन्होंने अपना आखिरी टी-20 मैच एक ही टीम के खिलाफ खेला और वो उनका आखिरी टी-20 मैच साबित हुआ.


सहवाग थें कप्तान -उस समय भारतीय टीम के नियमित कप्तान राहुल द्रविड़ हुआ करते थे लेकिन किसी कारणवश 1 दिसम्बर 2006 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुए उस टी-20 मैच में आक्रामक ओपनर वीरेंदर सहवाग कप्तानी करते हुए दिखाई पड़े थे.सहवाग ने इस मैच को यादगार बनाते हुए पहले मैच में भारत को जीत दिलाई थी.साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट के नुकसान पर 126 रन बनाये थे.भारत ने दिनेश मोंगिया के 38 रनों की पारी की बदौलत ये मैच जीत लिया. 


साबित हुआ आख़िरी मैच -साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए इस मैच को इसलिए भी याद किया जाएगा क्योकि ये मैच क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का पहला और आख़िरी टी-20 मैच था.साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले मैच में अच्छी पारी खेलने के बाद भी दिनेश मोंगिया का ये पहला और आखिरी टी-20 मैच साबित हुआ.सचिन ने इस मैच में जहाँ मात्र 10 रनों का योगदान करते हुए 1 विकेट भी लेने का कारनामा किया.सचिन चाहते तो वो और टी-20 मैच खेलते लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.अपनी टी-20 में बल्लेबाजी का जलवा उन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए दिखाया.कहने का मतलब इन दोनों खिलाडियों का पहला मैच ही उनके टी-20 करियर का आख़िरी मैच साबित हुआ. 


पॉलीक्रिक आपको बताना चाहता है की साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुए 1 दिसम्बर 2006 का टी-20 मैच धोनी के  लिए भी यादगार था क्योंकि धोनी अपना पहला टी-20 मैच खेल रहे थे.धोनी अपने पहले टी-20 मैच में अपना खाता तक नहीं खोल पाएं और शून्य रन बनाकर आउट हो गए. 

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रविवार, 20 दिसंबर 2020

जब बाल-बाल बचे थे हिटमैन और टेस्ट उपकप्तान

आप सभी को मालूम है की भारतीय टीम के रोहित शर्मा को सबसे आलसी और मजाकिया खिलाडियों में शुमार किया जाता है.इस बात की पुष्टि टीम के कप्तान विराट कोहली,अजिंक्य रहाणे और शिखर धवन कई साक्षात्कारों में कर चुके है.इस मामले में हिटमैन भी पीछे नहीं है.उन्होंने भी साक्षात्कार में अपनी यादें शेयर की.रोहित शर्मा ने एक साक्षात्कार के दौरान हरफनमौला रविंद्र जडेजा का जिक्र किया.पॉलीक्रिक के साथ आज हम उसी घटना के बारे में जानेंगे. 

बात साउथ अफ्रीका के जंगल की -रोहित शर्मा और रहाणे का साक्षात्कार वीयू इंडिया नाम के एक यूट्यूब चैनल पर था.जिसमे उन्होंने एक बेहद और डरा देने वाले सत्य का खुलासा किया.जिसे सुनकर शायद आप सभी को जडेजा के ऊपर काफी गुस्सा भी आये.ये बात उन दिनों की है जब दक्षिण अफ्रीका में जंगल सफारी के दौरान रोहित और रहाणे के साथ रविंद्र जडेजा ने काण्ड कर दिया.इसी याद को ताजा करते हुए रोहित और रहाणे ने जडेजा के बारे में ताबड़तोड़ खुलासे किये हैं.रहाणे ने पहले कहा 'हम चीता वाकिंग करने गए थे और हमें उम्मीद थी की वहां दो या तीन चीते होंगे और हम उनके पीछे-पीछे चलेंगे. जंगल में पहुँचने के 20 या 25 मीटर की दूरी पर दो चीते थे.हम 5 लोग उस जगह गए थे.मै और मेरी पत्नी,रोहित और उनकी पत्नी और साथ में जडेजा भी थे. 

जा सकती थी जान -रहाणे आगे बताये इससे पहले रोहित ने उन्हें रोकते हुए कहा "जडेजा के साथ कही जाना नहीं चाहिए.वो एक नंबर का पागल आदमी है."बाकी का किस्सा रहाणे की ज़ुबानी ये रहा.'हम 5 एकसाथ थे जैसे ही हम पहुंचे तो चीते ने हमारी तरफ मुड़कर देखा'रोहित ने आगे बताया की वो शख्स जडेजा ही था जिसके कारण दोनों चीते हमारी तरफ देख रहे थे.दरअसल जडेजा आवाज कर बुला रहा था. 

पॉलीक्रिक आपको बता दे की जैसे ही हिटमैन ने चीते को देखा वो डर गए और मै जडेजा को मारने वाला था.रोहित ने आगे कहा जडेजा को उस जगह ले जाना सही विचार नहीं था.हमें  में ही छोड़ देना चाहिए था.ओवरआल देखा जाए तो जडेजा ऐसे किस्से काफी हैं.एक बार तो मामला इतना बढ़ गया था की गुजरात सरकार को बीच में आना पड़ा था. रोहित ने कहा ओवरआल बहुत अच्छा अनुभव था. 

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शनिवार, 19 दिसंबर 2020

#INDVSAUS दोनों टीमों की तरफ से बने बड़े ही शर्मनाक रिकॉर्ड

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जिस तरह से पहला मैच संपन्न हुआ.उससे भारत को ये संकेत जरूर मिला होगा की उनकी राहें आसान नहीं होने वाली.जिस प्रकार से पहली पारी में अच्छी खासी बढ़त लेने के बाद भी भारतीय टीम ने दूसरी पारी में ऑस्ट्रलिया गेंदबाजों के सामने अपने घुटने टेक दिए.वो समझ से परे है.दोनों टीमों ने इस दौरान अच्छा खासा रिकॉर्ड अपने नाम किया. 


रिकॉर्ड जो बने काफी सालों बाद -दरअसल पहले टेस्ट में भले ही भारतीय टीम को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने भी ऑस्ट्रेलिया को एक शर्मनाक रिकॉर्ड बनाने पर मजबूर कर दिया.हुआ कुछ यूँ की पहली पारी में अपना पहला रन बनाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम को 27 गेंदों का लम्बा इन्तजार करना पड़ा.जो लगभग पिछले कई सालों में नहीं हुआ था. वो भारतीय टीम ने कर दिखाया लेकिन जिस तरह दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया.जिसके  लिए 19 दिसंबर को हमेशा याद किया जाएगा.साथ ही साथ कोहली और कंपनी को इसके लिए याद रखा जाएगा.वो रिकॉर्ड है भारतीय टीम का अपने क्रिकेट इतिहास के सबसे कम रनों पर सिमटने का.इससे पहले 1974 में भारतीय टेस्ट टीम इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में 42 रनो पर ऑलआउट हो गई थी.इस बार भारतीय टीम 36 रनों पर ऑलआउट हो गई.


पॉलीक्रिक आपको बता दे कि टेस्ट में सबसे कम रनो पर सिमटने का रिकॉर्ड न्यूज़ीलैण्ड के पास है जो 1955 में मात्र 26 रनो पर आलआउट हो गयी थी इंग्लैंड के  खिलाफ. 

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शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020

शानदार गेंदबाजी लेकिन चिंता में होंगे कप्तान

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट मैच में जिस तरह भारतीय टीम मात्र 244 रनों पर आलआउट हो गई.उसे देखते हुए किसी भी क्रिकेट प्रशंसक को उम्मीद नहीं रही होगी की भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया पर पहली पारी में बढ़त ले लेगी.शायद भारत के कप्तान को भी इस बात का अंदाजा नहीं रहा होगा की उनके गेंदबाज 244 रनों से पहले ऑस्ट्रेलिया टीम को समेट देंगे.ऐसा नहीं  है की भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा पहली बार किया हो.पिछले कुछ सालों से भारतीय गेंदबाजों ने विदेशी दौरों पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है.गेंदबाजों के इतना शानदार प्रदर्शन करने के बाद भी कोहली काफी चिंतित होंगे.ऐसा इसलिए क्योंकि ऑस्ट्रेलिया टीम को और कम स्कोर पर आलआउट किया जा सकता था.जिससे भारतीय टीम की स्थिति और अधिक मजबूत होती.आइये जानते हैं  ऐसी ही गलती के बारे में जो भारतीय खिलाडियों ने दो बार की. 


 लबुशाने का आसान कैच टपकना -ऑस्ट्रेलिया टीम की तरफ से ऑस्ट्रेलिया कप्तान टीम पेन ने सर्वाधिक 73 रनों की पारी खेली.उसके बाद लबुशाने ने 47 रनों की पारी खेली.लबुशाने ने भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया.47 रनों के योग पर उमेश यादव की गेंद पर आउट होने से पहले उन्हें 2 बार जीवनदान मिले.बात उस समय की है जब लबुशाने 12 रनों पर खेल रहे थे.शमी की गेंद पर बाउंड्री लाइन पर खड़े बुमराह ने एक कैच छोड़ा.उस वक़्त शायद बुमराह बाउंड्री के बारे में सोच रहे थे.दूसरा साधारण या कह सकते हैं की बेहद ही आसान कैच युवा पृथ्वी शॉ ने 22 के योग पर लबुशाने का ड्राप किया.उस वक़्त गेंदबाजी बुमराह कर रहे थे. 


पॉलीक्रिक आपको बता दे की ऑस्ट्रलिया की पहली पारी के दौरान भारतीय टीम ने कुल 4 कैच टपकाये.जिनमे दो लबुशाने का और एक स्टार्क तथा एक ऑस्ट्रेलिया कप्तान का शामिल था.ऐसा नहीं है की भारतीय टीम ने केवल कैच ही टपकाये हैं.टीम के कप्तान ने दो जबरदस्त कैच भी पकड़ा लेकिन भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीतना है तो क्षेत्ररक्षण में सुधार करना जरूरी है. 

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गुरुवार, 17 दिसंबर 2020

युवा गेंदबाज ने लिया संन्यास मची खलबली

पांच साल की सजा के बाद मैदान पर वापसी करने वाले पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने जिस तरह का प्रदर्शन सजा झेलकर वापस आने के बाद किया वो किसी से छुपा नहीं है.सीमित ओवर की क्रिकेट में अपना करियर बनाने के चक्कर में आमिर ने 2019 के जून महीने में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था ताकि वो अपना ध्यान सीमित ओवरों के क्रिकेट अर्थात टी-20 और एकदिवसीय मैचों पर लगा सकें. 


 पकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर लगाया गंभीर आरोप -आमिर का न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ खेले जाने वाली लिमिटेड ओवर्स की सीरीज में टीम में चयन नहीं किया गया.उस वक़्त आमिर श्रीलंका में खेली जा रही लंका प्रीमियर लीग में खेल रहे थे.लंका प्रीमियर लीग की रनर अप टीम गाले ग्लैडिएटर्स से खेलते हुए जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए आमिर ने 11 विकेट लिए.इसके बाद भी उन्हें पाकिस्तान टीम में जगह नहीं मिली.अभी आमिर मात्र 28 साल के हैं और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने का ऐलान कर दिया है.आमिर ने पीसीबी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा 'सीनियर टीम मैनेजमेंट ने मेरा आर्थिक शोषण किया है.आगे आमिर ने ये भी साफ़ कर दिया है कि वो मौजूदा पकिस्तान टीम मैनेजमेंट के साथ क्रिकेट नहीं खेल सकते हैं. आमिर ने ये फैसला न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ लिमिटेड ओवर की ओवर सीरीज के लिए पकिस्तान टीम का ऐलान होने के बाद लिया है.


 पॉलीक्रिक आपको बताना चाहता है की इस दौरान आमिर ने अपने मुश्किल दौर को भी याद किया और कहा कि मैं पीसीबी चेयरमैन नजम सेठी और शाहिद अफरीदी का शुक्रिया अदा करता हूँ.जिन्होंने बुरे वक़्त के समय मेरा साथ दिया.जब पूरी टीम मेरे टीम मेरे साथ नहीं खेलना चाहती थी.'

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दो बेख़ौफ़ बल्लेबाजों के खिलाफ बेहद कमजोर दिखी गेंदबाजी

 दिन का दूसरा मैच जिस प्रकार से मुंबई हारी.ऐसी कल्पना कोई क्रिकेट प्रशंसक नहीं कर रहा होगा.जिस प्रकार की गेंदबाजी मुंबई इंडियंस के पास है उसे देखते हुए तो ऐसा सपने में भी किसी ने नहीं सोचा होगा.आज जिस प्रकार से मुंबई के द्वारा दिये गए 195 रनों का पीछा राजस्थान रॉयल्स ने किया.वो अदभुत था.ऐसे कितने लोग होंगे जिन्हे आज लगा होगा की मुंबई ने बोर्ड पर जितने रन बनाये हैं.उतने रन मुंबई इंडियंस के बेहतरीन बोलिंग आक्रमण के सामने कोई टीम नहीं बना पाएगी लेकिन हुआ इसके ठीक विपरीत.राजस्थान को अच्छी शुरुआत तो नहीं मिली.मात्र 44 रनों के योग पर 2 विकेट गंवाकर राजस्थान बैकफुट पर आ गयी थी लेकिन जिस प्रकार का साहस और जोश मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों के सामने युवा संजू सैमसन और हरफनमौला बेन स्टोक्स ने दिखाया.उस जोश और साहस ने लक्ष्य को आसान बना दिया. 


 दो खिलाडियों ने बनाई  टीम की रेल -अगर हम बात करे आईपीएल की सबसे बेहतरीन गेंदबाजी के बारे में तो वो वास्तव में मुंबई इंडियंस के पास है.इनके पास बुमराह,बोल्ट और पैटिंसन के रूप में बेहतरीन तेज गेंदबाजी की तिकड़ी है जो किसी भी टीम के बल्लेबाजी क्रम को तहस नहस करने का माद्दा रखती है.आज जिस तरह ये गेंदबाजी आक्रमण युवा सैमसन और बेन स्टोक्स के सामने बेजान सा दिख रहा था.उसके पीछे कही न कही राजस्थान के इन दोनों खिलाडियों की बेख़ौफ़ बल्लेबाजी ही मुख्य कारण है.बेख़ौफ़ बल्लेबाजी का आलम ये रहा की मुंबई इंडियंस की पेस बैटरी ने कुल मिलाकर 11.2 ओवर गेंदबाजी की और उसमें 118 रन लुटायें और मात्र 2 विकेट लिए.इनके स्थाई स्पिनर का हाल तो इससे भी बुरा रहा और उन्होंने 3 ओवरों में बिना विकेट लिए 36 रन लुटायें.बेन स्टोक्स ने 60 गेंदों में नाबाद 107 रनों और सैमसन ने नाबाद 54 रनों की बेहद उम्दा पारी खेली.  


 पॉलीक्रिक के अनुसार "रोहित शर्मा के दिमाग में ये सारी बातें चल रही होंगी.जैसे-जैसे आईपीएल अपने अंतिम पड़ाव पर जा रहा है.अगर ऐसी गेंदबाजी मुंबई इंडियंस की रहेगी तो ये कप्तान और कोच के लिए सोचने का विषय है."आने वाले मैचों में मुंबई के गेंदबाज कैसा प्रदर्शन करते हैं ये देखना काफी दिलचस्प होगा. 

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बुधवार, 16 दिसंबर 2020

जब बॉम्बे डक ने किया ऑस्ट्रेलिया को तहस-नहस

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ये पल बहुत यादगार पलों में से एक था.जिस तरह 2001 की ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच संपन्न हुयी टेस्ट सीरीज में भारत का प्रदर्शन था.उसके 1 साल बाद यानी 2003 में जिस तरह भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाडियों ने ऑस्ट्रेलिया सरजमीं पर टेस्ट सीरीज में परचम लहराया.वो किसी से छुपा नहीं है.इस टेस्ट में जिस प्रकार की जबरदस्त बल्लेबाजी लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने की.उतनी ही बेहतरीन गेंदबाजी पहली पारी में भारतीय बेहतरीन स्पिनर और दूसरी पारी में हरफनमौला खिलाड़ी ने किया. 


अजीत अगरकर का कहर -जिस प्रकार से ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए पहली पारी के लक्ष्य के करीब भारतीय टीम पहुँच गयी थी.ऐसे समय में सभी को लगा की या तो मैच ऑस्ट्रेलिया जीतेगी या तो मैच ड्रा होगा लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी की.आज भारत का एक जबरदस्त गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया को तारे दिखाने वाला है.ऑस्ट्रेलिया खिलाडियों ने जिस खिलाडी को बॉम्बे डक का नाम दिया था मतलब अजीत अगरकर को.वो दिन अजीत अगरकर का दिन था.पहली पारी के हीरो रहे पोंटिंग कुछ ज्यादा कमाल नहीं दिखा सके और बिना खाता खोले लौट गए.अगरकर ने दूसरी पारी में 41 रन देकर 6 विकेट लिए और ऑस्ट्रेलिया को 196 रनों पर रोकने में मुख्य भूमिका निभाई. 


पॉलीक्रिक के अनुसार 'भारतीय टीम को जीतने के लिए 230 रनों का लक्ष्य मिला और चौथे दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत ने एक भी विकेट नहीं गंवाया.टेस्ट के आख़िरी दिन भारत को 197 रनों की जरुरत थी.उनके सभी बल्लेबाज शेष थे.पांचवे दिन भारत ने अपने विकेट गँवाने शुरू किया.वो तो भला हो एक बार फिर लक्ष्मण और द्रविड़ का जिन्होंने 51 रनों की साझेदारी निभायी और भारत की जीत की नींव रखी.221 के योग पर लक्ष्मण आउट हो गए और राहुल द्रविड़ ने मैच जीता दिया.'

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मंगलवार, 15 दिसंबर 2020

कौन साबित होगा बेहतर ?

इस समय भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया में है.जहां टीम को एकदिवसीय सीरीज में हार का सामना करना पड़ा तो भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया टीम को उसी अंदाज में हराकर अपना बदला लिया.अब जो सीरीज का आख़िरी मुकाबला टेस्ट सीरीज के रूप में खेला जाएगा.देखना दिलचस्प होगा की क्रिकेट के इस सबसे जबरदस्त खेल में भारतीय टीम कैसा प्रदर्शन करती है.भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ये पहला अवसर होगा जब इन दोनों कश्मकश रखने वाली टीमों के बीच पिंक बॉल से डे-नाईट टेस्ट का आगाज 17 दिसम्बर को एडिलेड के मैदान पर होगा. 


वार्म अप मैच में ऑस्ट्रेलिया रही थी फ्लॉप -दोनों देशो के बीच खेले गए दुसरे वार्म अप मैच में जिस तरह पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को भारतीय गेंदबाजों ने सेट नहीं होने दिया.कुछ इसी तरह का प्रदर्शन उन्हें एडिलेड के मैदान पर करना होगा.जिससे भारतीय टीम को फायदा मिल सके.पहली पारी भारत की भी दुसरे वार्म अप  मैच में अच्छी नहीं रही थी लेकिन उन्होंने सारी कसर दूसरी पारी में निकाल ली. 


रिषभ या साहा -दुसरे वार्म अप मैच की  पहली इनिंग में जिस तरह दोनों विकेटकीपर बल्लेबाज जल्द आउट हो गए लेकिन दूसरी पारी जिस तरह का तूफानी शतक युवा विकेटकीपर बल्लेबाज पंत ने लगाया उसे देखते हुए भारतीय कप्तान के मन में भी असमंजस की स्थिति बनी हुयी होगी की वो पहले टेस्ट में किस प्लेइंग-11 के साथ उतरे.अब इसका पता तो मैच के दिन ही पता चलेगा. 


पॉलीक्रिक के अनुसार 'पिछली बार जिस तरह का प्रदर्शन चेतेश्वर पुजारा ने किया था.ठीक उसी तरह का प्रदर्शन भारतीय टीम के किसी न किसी खिलाड़ी को करना होगा.जैसा की पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने भी यही बात कही है.रही बात पंत और साहा में से किसी एक को चुनने की तो मुझे पूर्ण उम्मीद है की पिंक बॉल टेस्ट के लिए पंत की जगह साहा को वरीयता दी जा सकती है. 

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सोमवार, 14 दिसंबर 2020

इस खिलाडी को साबित करने की नहीं है जरुरत


जब से किंग्स इलेवन पंजाब में यूनिवर्स बॉस की वापसी हुयी है.तभी से ही ये टीम बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आ रही है.इस बात का प्रमाण विगत 5 मैचों में लगातार 5 जीत के साथ जिस प्रकार किंग्स इलेवन पंजाब ने लगभग आईपीएल-2020 में प्लेऑफ में अपनी जगह बनाई है.वो किंग्स के लिए इतना आसान नहीं था लेकिन गेल के आ जाने से किंग्स इलेवन की बल्लेबाजी की धार तेज हो गयी है.गेल अब भी अपने पुराने वाले अंदाज में नजर आ रहे हैं.गेल का इसी तरह चलना किंग्स इलेवन पंजाब के लिए अति आवश्यक है. 


कोलकाता की ख़राब शुरुआत -आज टॉस जीतकर किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान राहुल ने पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला लिया.उनके द्वारा लिए गए फैसले को गेंदबाजों ने सही साबित करते हुए केकेआर के 2 ओवेरो में ही 10 रनों के योग पर 3 विकेट गिरा दिए. जिससे केकेआर बैकफूट पर आ गयी.हालाँकि इसके बाद मोर्गन और गिल ने पारी को संभालते हुए 81 रनो की बेहद कीमती और तेज साझेदारी निभायी.कप्तान के आउट होने के बाद एक बार फिर किंग्स के गेंदबाज केकेआर के बल्लेबाजों पर टूट पड़े और केकेआर को 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 149 पर रोक दिया. 


यूनिवर्स बॉस और मंदीप  जबरदस्त पारी -लक्ष्य का पीछा करने उतरी किंग्स इलेवन पंजाब की शुरुआत बहुत अच्छी रही.किंग्स के ओपनर आईपीएल-2020 के बेहतरीन ओपनर हैं.मयंक की जगह खेल रहे मंदीप भी अपनी जिम्मेदारी को समझ रहे हैं.आज टीम के कप्तान 28 रन बनाकर आउट हो गए लेकिन इसके बाद मंदीप ने जिम्मेदारी से खेलते हुए गेल  का अच्छे से साथ दिया.दोनों ने मिलकर किंग्स इलेवन पंजाब को 7 गेंद शेष रहते ही 8 विकेट की जीत दिला दी.गेल 29 गेंदों में 5 छक्कों की मदद से 51 रन बनाकर आउट हुए लेकिन तब तक उन्होंने अपना काम कर दिया था.मंदीप ने 66 रनों की एक उम्दा नाबाद पारी खेली. 


पॉलीक्रिक के अनुसार "किंग्स इलेवन पंजाब इस समय प्रचंड फॉर्म में है.चाहे वो गेंदबाजी हो या बल्लेबाजी दोनों क्षेत्रों में टीम ने सुधार किया है." गेल के टीम में आ जाने से टीम की बल्लेबाजी काफी मजबूत हुयी है.साथ ही साथ कप्तान के ऊपर से दबाव भी कम हुआ है.  

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विराट का सबसे प्यारा दोस्त बना संगीतकार


इस वक़्त अपनी बल्लेबाजी का नजारा डीविलियर्स रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेलते हुए दिखा रहे हैं.डीविलियर्स को आईपीएल में विदेशी खिलाड़ी के रूप में भारतीय प्रशंसक सबसे ज्यादा पसंद करते हैं.इन्हे 360 के नाम से भी जाना जाता है.वास्तव में डीविलियर्स पर खेल के मैदान में ही नहीं असल ज़िन्दगी में भी 360 टाइटल लागू होता है.क्रिकेट के अलावा डीविलियर्स को कई और क्षेत्रों में रुझान है.क्रिकेट के बाद उनका सर्वाधिक रुझान संगीत की तरफ है.शुक्रवार को डीविलियर्स ने एक नया गाना रिलीज़ किया है. 


कर चुके हैं एक एलबम रिलीज़ -इससे पहले भी  डीविलियर्स ने अपने अंदर की संगीत प्रतिभा को दिखाते हुए 2010 में एक पूरी एलबम रिलीज़ कर चुके हैं.जो नया गाना  डीविलियर्स ने गाया है उसका नाम 'द फ्लेम' है जो मानवीय मूल्यों यानी मानवता पर आधारित है.इस गाने में उनके साथ सॉंगराइटर और गायक केरन जोयड और यूथ कोयर भी हैं.अपने इस गाने को डीविलियर्स ने ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा,'ये गाना मैंने केरन और कोयर के साथ मिलकर लिखा है.हम सभी एक दुसरे से अलग हैं लेकिन एक साथ मिलकर एक परफेक्ट पिक्चर बनाते हैं.'


आरसीबी के ये खिलाड़ी दिखे गाने में - डीविलियर्स द्वारा लिखे इस संगीत में उनके साथ दिल्ली कैपिटल्स के रबाडा और एनरिच नोर्त्जे तथा आरसीबी के कप्तान और डीविलियर्स के सबसे चहेते विराट कोहली,युजवेंद्र चहल, डेल स्टेन और क्रिस मोरिस भी शामिल थे.सभी खिलाडियों ने मिलकर डीविलियर्स के साथ अच्छा गाना गाया है.


पॉलीक्रिक के अनुसार " डीविलियर्स ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन अभी भी आईपीएल और इसके अलावा कई और लीग खेलते हैं.आईपीएल-2020 में उन्होंने अब तक 171.21 के स्ट्राइक रेट से 338 रनों का योगदान दिया है.इस दौरान डीविलियर्स ने 20 छक्के भी लगाए हैं."  

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मुश्ताक़ अली ट्रॉफी से तैयार होगा क्रिकेट के महाकुम्भ का रास्ता

जैसा की अटकलें लगाई जा रही थी की इस बार आईपीएल-2021 अप्रैल  महीने में होने की सम्भावनाये बताई जा रही है.अभी आईपीएल को ख़त्म हुए 1 महीने का भी समय नहीं हुआ लेकिन इस प्रतियोगिता का क्रेज दर्शकों में इतना है की वे लोग इसके बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं.दरअसल बीसीसीआई आईपीएल का आयोजन मार्च महीने में करवाता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पायेगा क्योंकि 28 मार्च को भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का आखिरी एकदिवसीय मुकाबला खेला जाएगा.जिससे तस्वीरें स्पष्ट हो जाती हैं की इस बार का आईपीएल विगत सालों की तरह मार्च से नहीं शुरू हो पायेगा. 


मुश्ताक़ अली ट्रॉफी के बाद ऑक्शन -जो जानकारी अभी तक मिल रही है उससे तो स्पष्ट प्रतीत होता है की बीसीसीआई सैय्यद मुश्ताक़ अली ट्रॉफी के बाद आईपीएल ऑक्शन का आयोजन कर सकती है.इसके मैच 10 जनवरी से 31 जनवरी के बीच 6 राज्यों में खेला जाएगा.सभी जगह बायो सिक्योर माहौल तैयार किया गया है.हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को 2 जनवरी को अपने यहां जैव सुरक्षित माहौल में पहुँचना होगा.बीसीसीआई सचिव जय शाह ने इस बात की जानकारी सभी राज्य इकाइयों को मेल के माध्यम से दे दी है.पॉलीक्रिक आपको बताना चाहता है की आप सभी इस बात से अच्छी तरह अवगत होंगे की सैय्यद मुश्ताक़ अली ट्रॉफी का आयोजन टी-20 फॉर्मेट में होता है.इस ट्रॉफी से खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बाद टीमों को आसान हो जाएगा की वो नए खिलाडियों का चयन अपनी-अपनी टीम में का सके. 


पॉलीक्रिक के अनुसार 'आईपीएल का ऑक्शन होना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ऐसा प्रतीत हो रहा है की इस बार आईपीएल में 8 नहीं बल्कि उससे ज्यादा टीमें खेलती हुयी नजर आये लेकिन बीसीसीआई ने अभी इसका को ऑफिसियल ऐलान नहीं किया है.जिस प्रकार का घरेलु शेड्यूल बनाया गया है उससे काफी कुछ स्पष्ट हो जाता है. 

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रविवार, 13 दिसंबर 2020

भारतीय हरफनमौला खिलाड़ी ने बनाया रिकॉर्ड बने पहले भारतीय

भारतीय टीम के कुछ सन्यास लिए खिलाड़ी इस समय श्रीलंका में हो रही लंका प्रीमियर लीग में खेल रहे हैं.मुनाफ पटेल और इरफ़ान पठान इस लीग में अच्छा खासा प्रदर्शन कर रहे हैं.इस दौरान टीम इंडिया के पूर्व स्टार हरफनमौला खिलाड़ी इरफ़ान पठान ने टी-20 क्रिकेट में एक अलग उपलब्धि अपने नाम अर्जित की. 


 ऐसा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने पठान - लंका प्रीमियर लीग में खेलते हुए पठान ने एक जबरदस्त उपलब्धि हासिल की.यह उपलब्धि इरफ़ान पठान कैंडी टस्कर्स की तरफ से खेलते हुए जाफना स्टॉलिन्स के खिलाफ 19 गेंदों में खेली गयी 25 रनों की पारी से बनाया.अपनी इस पारी से उन्होंने अपनी टीम को जिताने में मुख्य भूमिका निभायी.इस दौरान पठान ने टी-20 फॉर्मेट में 2000 रन बनाने के साथ 150 विकेट लेने वाले दुसरे खिलाड़ी भी बन गए.उनसे पहले ये रिकॉर्ड टीम इंडिया के वर्तमान स्टार आलराउंडर रविंद्र जडेजा के नाम था. टी-20 फॉर्मेट में पठान 173 विकेट ले चुके हैं. उन्होंने अपनी 142 पारियों में 2000 रनों का आंकड़ा छुआ.


 पॉलीक्रिक आपको बता दे की इरफ़ान पठान ने भले ही जाफना स्टॉलिन्स के खिलाफ 25 रनों की उम्दा पारी खेली हो लेकिन अभी तक इस प्रतियोगिता में उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला.देखना बड़ा दिलचस्प होगा की आने वाले मैचों में पठान कैसा प्रदर्शन अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी से करते हैं. 

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शनिवार, 12 दिसंबर 2020

इस खिलाड़ी ने उड़ाया गेंदबाजों के होश

भारत और ऑस्ट्रेलिया A के बीच वार्म अप मैच खेला जा रहा है.पहली पारी में दोनों टीमें काफी जल्द आलआउट हो गयी लेकिन भारतीय टीम को बढ़त मिली.पहली पारी में तेज गेंदबाज बुमराह की जबरदस्त बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने 194 रन बनाये थे.जिस प्रकार की बल्लेबाजी वार्म अप मैच की दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाज कर रहे थें.उसे देखकर भारतीय टीम का मनोबल काफी बढ़ा हुआ होगा. 


पंत और हनुमान विहारी का जलवा -दुसरे वार्म अप मैच की पहली पारी में भले ही भारतीय बल्लेबाजी फ्लॉप साबित हो गयी थी.शायद ऑस्ट्रेलिया A को इस बात का अंदाजा नहीं रहा होगा की भारतीय टीम इस तरह का कहर बरपाएगी.खासकर पॉलीक्रिक आप सभी को रिषभ पंत के बारे में बताना चाहेगा.जिन्होंने अपना जबरदस्त शतक लगाया.इस शतक की खास बात ये रही की युवा पंत ने मैच ख़त्म होने से पहले पारी के आखिरी ओवर में कुल 22 रन बनाये और अपना शतक भी पूरा किया.हनुमान विहारी ने भी जबरदस्त शतकीय पारी खेली.ओपनर्स ने भी सधी हुयी शुरुआत दी. 


 पॉलीक्रिक के अनुसार 'जिस प्रकार की बल्लेबाजी भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में की.उससे उन्हें काफी विश्वास मिला होगा.इसके साथ ही इस शतक ने रिषभ पंत को एक अलग ही विश्वास दिया होगा क्योंकि आईपीएल में भी उनका बल्ला अच्छा नहीं चला था.'अब देखना है की उनका चयन पहले टेस्ट की प्लेइंग-11 में होता है की नहीं.वैसे अपने इस धुआंधार शतक से उन्होंने अपनी दावेदारी मजबूती के साथ पेश की है.  

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शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

उल्टे अंदाज में दिखा ये खिलाड़ी

अपने जबरदस्त गेंदबाजी एक्शन के द्वारा बल्लेबाजों के दिमाग में एक डर पैदा करने वाले बुमराह ने भारत और ऑस्ट्रेलिया A के बीच खेले जा रहे दुसरे अभ्यास टेस्ट के दौरान एक जबरदस्त कांड कर दिया.उन्होंने ऐसा खेल दिखाया जिसे देखकर कप्तान कोहली काफी प्रशन्न हुए होंगे. 


दोनों टीमें हुए ढेर -ऑस्ट्रलिया A और भारत के बीच दुसरे अभ्यास टेस्ट में टेस्ट क्रिकेट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा और कप्तान कोहली ने भाग नहीं लिया.शुरुआत में भारत 102 रनों के योग पर 2 विकेट खोकर अच्छी स्थिति में था लेकिन ऑस्ट्रेलिया गेंदबाजों ने एक बार वापसी की और भारत के मध्यक्रम को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया.भारतीय टीम ने अपने स्कोर में 21 रन और जोड़कर 7 विकेट गँवा दिए.जिससे वो अत्यंत बुरी स्थिति में आ गए और उनका स्कोर 123 रनों के योग पर 9 विकेट हो गया. 


बुमराह का जलवा बाकि सब हलवा -दुसरे अभ्यास टेस्ट में भारत के बेहतरीन गेंदबाज बुमराह ने जिस तरह की बल्लेबाजी की.उससे तो ऐसा लगा जैसे बुमराह बिल्कुल एक हरफनमौला खिलाड़ी के रूप में इस सीरीज में अपना योगदान देंगे.जिस मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ी रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे.उस मैदान पर बुमराह ने नाबाद 55 रनों की पारी खेली.जिसमे उन्होंने 6 चौके और दो छक्के लगाए. 


पॉलीक्रिक के अनुसार जिस प्रकार बुमराह ने 10वें विकेट के लिए इस अभ्यास मैच में सिराज के साथ 71 रनों की साझेदारी निभायी.वो काफी अहम साबित हो सकती है.नवदीप सैनी,शमी और बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों को बांधे रखा और ऑस्ट्रेलिया को 32.2 ओवर्स तक ही टिकने दिया.शमी और सैनी ने 3-3 विकेट जबकि बुमराह को 2 विकेट मिला. 

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गुरुवार, 10 दिसंबर 2020

3 जबरदस्त खिलाड़ी जिन्हे पूर्व कप्तान की वजह से नहीं मिला मौका

महेंद्र सिंह धोनी ने अपना क्रिकेट पदार्पण साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ किया.शुरुआती कुछ मैचों में फ्लॉप होने के बाद जिस तरह दादा ने उनपर विश्वास जताया.वो दर्शाता है की गांगुली के अंदर प्रतिभा तराशने का जबरदस्त गुण था.उसके बाद धोनी ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा.चाहे टेस्ट,एकदिवसीय हो या टी-20 उन्होंने हर जगह अपना जलवा दिखाया.आज इस लेख में हम बात करेंगे कुछ ऐसे ही होनहार खिलाडियों के बारे में जिनका करियर कह सकते हैं कि धोनी ने बिगाड़ दिया.धोनी के 16 साल के क्रिकेट करियर के दौरान किसी दुसरे  विकेटकीपर को भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला.आज हम ऐसे ही कुछ प्रतिभावान विकेटकीपर्स बल्लेबाज के बारे में जानेंगे - 


दिनेश कार्तिक -कार्तिक एक ऐसे खिलाड़ी थे जो धोनी से पहले भारतीय टीम में एक विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में चुने गए.उन्होंने पार्थिव पटेल की जगह ली थी लेकिन उन्हें कुछ ही मैचों में विकेटकीपिंग करने का मौका मिला.दिनेश ने कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन भी किया लेकिन वो धोनी के आते ही गायब हो गए.इसके बाद कार्तिक लगातार अंदर बाहर होते रहे. 


दीपदास गुप्ता -बंगाल के घरेलु टीम के खिलाड़ी जिन्होंने 2001 में टेस्ट में पदार्पण किया था.उनका क्रिकेट करियर मात्र 1 साल में ख़त्म हो गया.दीपदास लगातार घरेलु क्रिकेट में रन बना रहे थे लेकिन महेंद्र सिंह धोनी के टीम में रहते हुए कभी भी चयनकर्ताओं का ध्यान इस प्रतिभावान खिलाड़ी पर नहीं गया. दीपदास गुप्ता का घरेलू क्रिकेट शानदार रहा लेकिन भारत के लिए खेलते हुए उन्होंने 8 टेस्ट मैचों में 344 रन और 5 एकदिवसीय में मात्र 51 रन बनाये हैं. 
  


रिद्धिमान साहा -तीसरा स्थान आता है साहा का.जिन्होंने घरेलु क्रिकेट में लगातार धमाल मचाया लेकिन धोनी की मौजूदगी में उन्हें मौके नहीं मिले.इन्होने 2010 में अपना पदार्पण रोहित शर्मा की इंजरी के चलते एक बल्लेबाज के तौर पर किया.जब महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट से संन्यास लिया तभी से इन्हे पर्याप्त मौके मिलने लगे.मिले इन मौकों को उन्होंने अच्छे से भुनाया भी है.साहा ने अपना पदार्पण मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था. 


पॉलीक्रिक के अनुसार धोनी जैसा की सभी जानते हैं की धोनी भारतीय टीम के लिए काफी लकी थे.उन्होंने जब से खेलना शुरू किया तो लगातार खेलते रहे.अपने बेहतरीन प्रदर्शन और कुशल निर्णय क्षमता के कारण वो काफी प्रसिद्ध भी हुए. 


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