मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान खेल इनके अनुसार बदलता है

एक ऐसा खिलाड़ी जिसने भारतीय टीम के लिए नया मानदंड स्थापित किया.विपक्ष में कोई टीम हो इस बात की परवाह न करते हुए उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को कई यादगार पल दिए.अपने इतने बड़े करियर अक्सर उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी की.फिर चाहे ओडीआई,टी-20 हो या टेस्ट हर मौके पर इस खिलाड़ी ने टीम को फ्रंट पर आकर संभाला.सौरव गांगुली के बाद भारतीय टीम की कप्तानी राहुल द्रविड़ को मिली.2007 के ओडीआई विश्व कप में जल्दी बाहर होने के कारण राहुल द्रविड़ ने सितम्बर महीने में कप्तानी से इस्तीफ़ा दे दिया.इसी साल भारत को टी-20 वर्ल्ड कप भी खेलना था.इस प्रतियोगिता से सचिन,सौरव और द्रविड़ ने अपना नाम वापस ले लिया था.धोनी इस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए युवा भारतीय क्रिकेट टीम की लीड कर रहे थे. 


 2007 टी-20 वर्ल्ड कप के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा :-जिस तरह से युवा जोश के साथ भारतीय टीम 2007 के पहले टी-20 विश्व कप में उत्तरी.किसी को भी उम्मीद नहीं थी की महेंद्र सिंह धोनी अपनी उम्दा कप्तानी का सफर इस तरह तय करेंगे.वीरेंदर सहवाग,रोहित शर्मा,गौतम गंभीर,श्रीसंथ,जोगिन्दर शर्मा,हरभजन सिंह और आरपी सिंह के रूप में खिलाड़ी थे.फाइनल मुकाबले में जिस तरह से धोनी ने निर्णय लिया.उनके पास आखिरी ओवर में हरभजन सिंह और जोगिन्दर शर्मा में से किसी एक को चुनना था.धोनी ने हरभजन के ऊपर जोगिन्दर शर्मा को वरीयता दी.आख़िरी ओवर में चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को जीतने के लिए 13 रनों की दरकार थी.जोगिन्दर शर्मा ने पहली गेंद वाइड फेंकी और इसके बाद भी भारत वो मैच 5 रनों से जीता. 


खेल को अपने अनुसार चलाते हैं :-उनके बारे में पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा का कहना है की "महेंद्र सिंह धोनी एक ऐसे खिलाड़ी है जो गेम को हमेशा अपने कण्ट्रोल में रखते हैं."परिस्थिति कैसी भी हो वो अपना आपा नहीं खोते हैं.कई क्रिकेटर जिम में जाकर मेहनत करते हैं तो दूसरी तरफ धोनी को जिम का इतना शौक नहीं है लेकिन वो फुटबॉल वगैरह खेलकर मैदान पर ही अपने आपको फिट रखते हैं.आशीष नेहरा ने कहा था की 'धोनी खेल के हिसाब से नहीं,खेल धोनी  से बदलता है.'


पॉलीक्रिक के अनुसार "धोनी भारतीय टीम के लिए किसी उपहार से कम नहीं थे.उन्होंने अपने क्रिकेट के प्रति जबरदस्त समर्पण और तेज बल्लेबाजी से भारतीय टीम को काफी कुछ दिया है."धोनी ने वास्तव में भारतीय क्रिकेट टीम के प्रति लोगों के रवैये को बदला है.एक उम्दा कप्तान,बेहतरीन फिनिशर और एक बेहतरीन क्रिकेटर के लिए उन्हें भारत हमेशा याद करेगा.  

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सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

उम्र इतनी फिर भी छाया हुआ है उम्दा क्रिकेटर

जब कभी भी सीमित क्रिकेट की बात होगी तो उसमे वेस्ट इंडीज के तूफानी बल्लेबाज क्रिस गेल का नाम जरूर आएगा.जिस प्रकार से उम्र के इस पड़ाव में गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट रहे हैं.उसे देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है की वास्तव में वो सीमित ओवरों के क्रिकेट के 'यूनिवर्स बॉस ' कहलाने के काबिल हैं.फिलहाल कैरिबियाई खिलाड़ी इस वक़्त पीसीएल यानी पाकिस्तान सुपर लीग में क्वेटा ग्लैडिएटर्स की तरफ से खेल रहे हैं. 


41 वर्ष बाद भी गेंदबाजों पर हावी :-जबरदस्त कैरिबियाई खिलाड़ी 41 वर्ष से भी ज्यादा समय के हो गए हैं लेकिन जिस तरह से वो गेंदबाजों की धुनाई करते हैं.उसे देखते हुए बस यही कहा जाना उचित होगा की "गेल के लिए उम्र मात्र एक नंबर हैं."हालांकि अभी हाल में संपन्न हुए टी-10 प्रतियोगिता में गेल का बल्ला शुरुआती मैचों में नहीं चला था तो कयास लगाया जा रहा था की उनपर अब उम्र हावी हो रही है लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी की.


लाहौर कलंदर्स के खिलाफ दिखाई आतिशबाजी :-पकिस्तान सुपर लीग में गेल सरफराज खान की कप्तानी वाली टीम क्वेटा ग्लैडिएटर्स के हिस्सा हैं.आज के मैच में जिस तरह उन्होंने विपक्षी टीम के गेंदबाजों की खबर ली.उसे देखकर शायद विपक्षी टीम के कप्तान का होश उड़ गया होगा.इस दौरान गेल ने महज 40 गेंदों में 5 छक्के और इतने ही चौके की बदौलत 68 रनों की आतिशी पारी खेली. 


पॉलीक्रिक के अनुसार "गेल की ये पारी लाहौर कलंदर्स के मोहम्मद हफ़ीज़ ने ख़राब कर दी.हफ़ीज़ ने अपने पीसीएल इतिहास में सबसे तेज निजी पचासा लगाया".हफीज ने अपना अर्धशतक मात्र 24 गेंदों में पूरा किया.हफ़ीज़ ने नाबाद 73 और फखर जमान ने नाबाद 82 रनों की पारी खेली और टीम को जीत दिलायी.

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रविवार, 21 फ़रवरी 2021

बढ़ते विवाद में कूदा धांसू खिलाड़ी की सबकी बोलती बंद

भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच उस वक़्त विवाद में आ गया.जब टेस्ट मैच के पहले दिन ही गेंद घूमने लगी और भारतीय स्पिन आक्रमण के सामने इंग्लैंड का एक भी खिलाड़ी नहीं चल पाया.उसी पिच पर दूसरी पारी में भारतीय कप्तान कोहली और स्पिनर रविचंद्रन आश्विन ने अपने जबरदस्त क्रिकेट कौशल का प्रदर्शन करते हुए क्रमशः अर्धशतकीय और शतकीय पारी खेली.इसके बाद भी इंग्लैंड के दिग्गज माइकल वॉन ने पिच की आलोचना की थी. 


रोहित शर्मा भी कूदे विवाद के बीच :-पिच को लेकर बढ़ते विवाद को देखते हुए इसमें भारतीय टीम के बेहतरीन खिलाड़ी रोहित शर्मा भी इस विवाद में कूद पड़े.इससे पहले चेपॉक की उछाल लेती पिच की आलोचना माइकल वॉन और मार्क वॉ दिग्गजों ने मैदानकर्मियों की इस तरह की पिच तैयार करने की आलोचना की थी.इस विवाद पर भारतीय टीम के सीमित ओवर के उपकप्तान ने कहा "ये कोई विवाद का विषय नहीं होना चाहिये.सभी क्रिकेट खेलने वाले देश अपनी आवश्यकता के अनुसार पिच तैयार करते हैं."उन्होंने आगे कहा "जब हम विदेशी दौरा करते हैं तो हमें भी मुश्किल पिचों का सामना करते हैं."इसलिए मुझे नहीं लगता की हमें पिच पर ज्यादा बहस करनी चाहिए. 


खेली थी उम्दा पारी :-पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम को जहां हार का सामना करना पड़ा था तो दुसरे टेस्ट मैच में रोहित शर्मा ने पहली पारी में 161 रनों की उम्दा पारी खेली थी.जिसकी बदौलत भारतीय टीम ने जबरदस्त स्कोर बनाया.ऐसा देखा गया है की टेस्ट हो या ओडीआई रोहित शर्मा एक बार जब लय में आ जाते हैं तो पिच कैसी भी हो. बल्ला ऐसा गरजता है की विपक्षी गेंदबाजों की शामत आ जाती है. 


पॉलीक्रिक के अनुसार "रोहित शर्मा भारतीय टीम के जबरदस्त खिलाड़ी है.अक्सर रोहित शर्मा काफी शांत रहते हैं.जब अपनी राय रखते हैं तो बड़े ही बेबाकी से रखते हैं."देखना दिलचस्प होगा की तीसरे टेस्ट मैच में किस तरह का खेल रोहित शर्मा दिखाते हैं.  

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शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

उनकी काबिलियत के दम पर शामिल किया गया टीम में

आईपीएल ऑक्शन में जैसे ही मुंबई इंडियंस की टीम ने अर्जुन तेंदुलकर को ख़रीदा.उसके बाद लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल चल रहे थे.जो प्रश्न लोगों के मन में उठ रहे थें.वो कुछ इस प्रकार के थे.क्या अर्जुन तेंदुलकर को उनके पिता सचिन तेंदुलकर की वजह से मुंबई इंडियंस ने ख़रीदा.?ये सब प्रश्न इसलिए भी उठ रहे हैं क्योकि खुद सचिन तेंदुलकर मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं और अभी भी वो टीम के साथ है लेकिन एक अलग जिम्मेदारी में. 


एमआई कोच का खुलासा :-अर्जुन तेंदुलकर के खिलाफ उड़ रही अफवाहों का वैसे तो कोई लेना-देना नहीं है.इस बात का खुलासा पूर्व श्रीलंकाई दिग्गज और वर्तमान एमआई कोच महेला जयवर्धने ने किया.उन्होंने कहा "अर्जुन तेंदुलकर को खरीदने का फैसला उनकी जबरदस्त प्रतिभा को देखकर किया गया है.सचिन का बेटा होने के कारण अर्जुन पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव होगा."उन्होंने आगे कहा की सचिन तेंदुलकर एक जबरदस्त बल्लेबाज थे जबकि इसके विपरीत अर्जुन एक गेंदबाज हैं.अभी तक तो अर्जुन तेंदुलकर को एक हरफनमौला खिलाड़ी के रूप में देखा जाता था लेकिन कोच की बातें कुछ और ही बयां कर रही हैं. 


 दबाव में होंगे छोटे तेंदुलकर :-आप जितने बड़े बाप के बेटे होते हैं.आप पर उतना अधिक दबाव होता है.देखना रोचक होगा की इस दबाव को अर्जुन कैसे झेलते हैं.सचिन तेंदुलकर का बेटा होने के नाते उन पर दबाव तो हमेशा बना रहेगा.ये एक ऐसा वास्तविक सत्य है जिसे छोटे तेंदुलकर को हमेशा साथ लेकर जीना है.अर्जुन तेंदुलकर ने अपनी फ्रेंचाइजी का शुक्रिया अदा किया है.एमआई के साथ खेलने के लिए अर्जुन काफी उत्साहित है.


 पॉलीक्रिक के अनुसार "अर्जुन तेंदुलकर को अपने दिमाग से ये निकाल देना होगा की वो सचिन के बेटे हैं.उन्हें अपना सारा ध्यान उम्दा प्रदर्शन करने पर लगाना होगा.जिससे उन्हें सब लोग उनके नाम से जाने नाकि सचिन तेंदुलकर के नाम से."

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शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

बड़ा कारण ! जिससे फैंस के मन में बढ़ जाएगी टीम की इज्जत

जिस प्रकार से धोनी अक्सर ऐसे फैसले लेते हैं.जिन फैसलों की उम्मीद उनके साथियों या खिलाडियों को भी नहीं होती.इस बात से हम सभी भलीभाँति परिचित है लेकिन उनकी  कप्तानी वाली सीएसके टीम के मालिक भी महेंद्र सिंह धोनी से कम नहीं हैं.आईपीएल ऑक्शन में इस बात का परिचय टीम सीएसके के मालिक ने दिया है. 


गेंदबाजी कोच का बड़ा खुलासा :-ऑक्शन मे महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली सीएसके ने पुजारा को अपनी टीम में शामिल किया.जिसका स्वागत सभी फ्रेंचाइजी ने तालियों के साथ किया.अब जो बात पुजारा को अपनी टीम में शामिल करने के बाद गेंदबाजी कोच ने कही है.उसे सुनकर सीएसके के फैंस का टीम के प्रति सम्मान और बढ़ जाएगा.लक्ष्मीपति बालाजी ने कहा "पुजारा भारत के लिए खून पसीना बहाते हैं.हमारी टीम ने ऐसा महसूस किया की पुजारा आईपीएल में खेलना डिजर्व करते हैं.यही एक बड़ा कारण है जिसकी बदौलत हमने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया."


पुजारा के ट्वीट ने जीता दिल :-लम्बे सालों के बाद आईपीएल में वापसी करने वाले चेतेश्वर पुजारा ने नीलामी में सोल्ड होने के बाद एक जबरदस्त ट्वीट किया.उन्होंने कहा "भरोसा दिखाने के लिए धन्यवाद !इस भरोसे के लिए मैं उत्सुक हूँ."पुजारा ने कुछ समय पहले भरोसा जताया था की अगर उन्हें मौका मिलता है तो वो अपनी फ्रेंचाइजी के लिए जबरदस्त प्रदर्शन करेंगे. 


पॉलीक्रिक के अनुसार "सीएसके ने भारतीय टेस्ट टीम के विशेषज्ञ बल्लेबाज पुजारा को खरीदकर बहुत अच्छा काम किया है.सीएसके के इस फैसले की तारीफ सभी क्रिकेट पंडित कर रहे हैं."सीएसके धीमी पिचों पर पुजारा का जबरदस्त उपयोग कर सकती है. 

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